था क़ाबू जब तक दिल पे मेरा तुझ सेे प्यार किया अब मेरी क्या ग़लती तू ने ही दिल पे वार किया
Related Sher
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
267 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
More from Govind kumar
ज़िंदगी अच्छे से जीने का तरीक़ा आ गया जब से चुप रहने का, सुनने का सलीक़ा आ गया
Govind kumar
0 likes
तेरे बिन दिल उदास रहता है इस लिए तेरे पास रहता है
Govind kumar
0 likes
गाड़ी अपनी थी पर सामान पराया था या'नी इस चोरी में नुक़सान पराया था
Govind kumar
0 likes
आँख से जब पानी बहता है दिल तब जाके सच कहता है अपना दिल भी है कैसा दिल हर पल बस रोता रहता है
Govind kumar
0 likes
ज़िक्र तिरा अब भी बेकार नहीं जाता हम टूट जाते हैं बस नज़र नहीं आता
Govind kumar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Govind kumar.
Similar Moods
More moods that pair well with Govind kumar's sher.







