थी नदी गहरी बहुत, तूफ़ान भी था कौन टूटी नाव पर करता सवारी
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कौन सी बात है तुम में ऐसी इतने अच्छे क्यूँँ लगते हो
Mohsin Naqvi
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मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं
Jaun Elia
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सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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दिन ढल गया और रात गुज़रने की आस में सूरज नदी में डूब गया, हम गिलास में
Rahat Indori
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ज़िन्दगी जीने का मतलब कुछ नहीं पर मौत भी मर्ज़ी से तो आती नहीं है
Umesh Maurya
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ज़ंजीरें तो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है इन्सानों की ही अदला बदली होती है
Umesh Maurya
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तुम कहो तो मौत के मानें बताएँ ख़ुद पता चल जाएगा जब इश्क़ होगा
Umesh Maurya
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तुम्हारे ख़्वाब में हम खो गए कुछ देर के ख़ातिर हमारे साथ में तुम हो गए कुछ देर की ख़ातिर
Umesh Maurya
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ज़मीं का जल कभी बादल रहा है तमाशा ज़िन्दगी का चल रहा है
Umesh Maurya
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