थोड़ी बहुत भी नफ़रत दिल में है तो मत रक्खो धीरे धीरे दीमक लकड़ी को खा जाती है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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उस ने आगाज़-ए-पज़ीराई किया है ऐसे और ठहरने को नहीं करता है दिल अब मेरा
shampa andaliib
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उस को लफ़्ज़ों में बयाँ करना है मुश्किल आज दिल को जिस ख़ुशी ने छू लिया है
shampa andaliib
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उसी सूरज की मुझ पर रौशनी है जिसे कल साथ में देखा था हम ने
shampa andaliib
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वो ख़ुदा है या है ख़ुदा जैसा जिस के दम पर खड़े हुए हैं हम
shampa andaliib
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ता-उम्र मेरे सर पे रहा ग़म का आफ़्ताब लेकिन कभी हयात ने रुस्वा नहीं किया
shampa andaliib
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