तितली वो ही फूल चुनेगी जिस पर उस का दिल आए इक लड़की के पीछे इतनी मारामारी ठीक नहीं
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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तुझे शीशा बनाया है ख़ुदा ने ध्यान रक्खा कर गले पत्थर के जो लगने लगेगा टूट जाएगा
Shubham Seth
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पानी में मैं डूब रहा हूँ देख मुझे दरिया से ख़ुद दूर किनारा जाएगा
Shubham Seth
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किसी की ख़्वाहिशों को कब तलक तुम बाँध पाओगे बड़ा वो पेड़ होगा और गमला टूट जाएगा
Shubham Seth
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शिकायत के सिवा देखो उसे कुछ भी नहीं आता अगर हम एक-दो कर दें उसी पर रूठ जाता है
Shubham Seth
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उस घूँघट में इक चेहरा है उस चेहरे पे इक तिल भी है उस तिल पे हमारी जान फिदा कुरबान उसी पर दिल भी है वो सत्रह आशिक़ क़त्ल हुए इन तेरी फ़रेबी नज़रों से इक हद तक तो मासूम तू है पर इक हद तक क़ातिल भी है
Shubham Seth
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