तू है इक़ सुर्ख़ लाल जोड़े में और क़फ़न में पड़े हुए हैं हम बस तेरी एक दीद के ख़ातिर देख कब से खड़े हुए है हम
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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मैं उस के पास आने में लगा हूँ वो मुझ सेे दूर होता जा रहा है
Shadab Asghar
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तुझे भुला भी दिया फिर भी तेरे पास रहा परिंदे उड़ गए लेकिन कफ़स उदास रहा
Shadab Asghar
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मैं उस से भीख माँगूं तो मोहब्बत मिल भी सकती है मगर कहती है ख़ुद्दारी मोहब्बत भीख की और तू
Shadab Asghar
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मुझे इक बात कहनी थी अगर मुझ को इजाज़त हो तुम्हीं मेरी मुहब्बत हो मुहब्बत हो मुहब्बत हो
Shadab Asghar
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अब फ़क़त साँसे बचीं हैं दोस्तों हम तो कब का ज़िंदगी से मर गए
Shadab Asghar
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