तुझे न मेरी कोई ख़बर थी मुझे न कोई तिरा पता था मैं शहर में ढूँढ़ता था जिस को वो गाँव में कब से लापता था जिधर से तू रोज़ जाया करती जो बाग़ से राब्ता था तेरा न ही कहीं पे थी तेरी ख़ुश्बू न ही कहीं पे अता-पता था
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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यूँँ पतंगों की तरह जो उड़ रहा है तू 'ज़फ़र' जब गिरेगा फ़र्श पे तब होश आएगा तुझे
ZafarAli Memon
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मिरी कश्ती भरे पानी में भी अब धूल खाती है वो सब को याद करती है मुझे ही भूल जाती है
ZafarAli Memon
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सर पटक के रो रहा हूँ मैं गुज़िश्ता रात से छोड़ जाने को कहा था उस ने मुझ सेे ख़्वाब में
ZafarAli Memon
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चाय भी हो, हाथ भी हो उस का मेरे हाथ में मुझ को जन्नत चाहिए और वो भी उस के साथ में
ZafarAli Memon
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ताजमहल फीका लगता था जब तक तू उस के आगे थी
ZafarAli Memon
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