तुम आते तो बताते हिज्र की शब कैसे गुज़री 'प्रीत' कोई दो लाख तारे होंगे मेरे गाँव के ऊपर
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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मरे भी तो तड़प तड़प के मरे ज़िंदगी भी हलाल में गुज़री
Prit
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कोई पलटे भी इस को तो कैसे दर्द का उल्टा भी तो दर्द ही है
Prit
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इश्क़ क्या कम है कर्बला से 'प्रीत' झुकते ही सिर यहाँ भी कटता है
Prit
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क्यूँ ज़ुलेखा ने चाक कर डाला क्योंकि मीरा से मिलने नइँ आए
Prit
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जिस की ख़ातिर तड़पता हूँ इतना मर न जाऊँ अगर वो मिल जाए
Prit
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