sherKuch Alfaaz

तुम मुहब्बत से नहीं मुझ सेे ख़फ़ा हो शायद तुम अगर चाहो तो पिंजरा भी बदल सकते हो मुंतज़िर हूँ मैं सो नंबर भी नहीं बदलूँगा और तुम शहर का नक़्शा भी बदल सकते हो

Related Sher

तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

1279 likes

बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

1244 likes

शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

839 likes

जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

Shabeena Adeeb

368 likes

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

Allama Iqbal

354 likes

More from Vikram Sharma

मिरे किरदार जाने दे नज़रअंदाज कर दे ख़ुदा की फ़िल्म है ये आदमी से क्या शिकायत

Vikram Sharma

25 likes

ये कैसे सानिहे अब पेश आने लग गए हैं तेरे आग़ोश में हम छटपटाने लग गए हैं बहुत मुमकिन है कोई तीर हम को आ लगेगा हम ऐसे लोग जो पंछी उड़ाने लग गए हैं

Vikram Sharma

32 likes

उम्र के आख़िरी मक़ाम में हम मिल भी जाए तो क्या ख़ुशी होगी क्या सितम तुम को देखने के लिए हम को दुनिया भी देखनी होगी

Vikram Sharma

32 likes

सोचता हूँ कि दिल-ए-ज़ार का मतलब क्या है एक हँसते हुए बीमार का मतलब क्या है आप कहते हैं कि दीवार गिरा दी जाए आप की नज़रों में दीवार का मतलब क्या है

Vikram Sharma

31 likes

जिन से उठता नहीं कली का बोझ उन के कंधों पे ज़िन्दगी का बोझ वक़्त जब हाथ में नहीं रहता किस लिए हाथ पर घड़ी का बोझ

Vikram Sharma

44 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Vikram Sharma.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Vikram Sharma's sher.