तू ने जिस भाव से चादर हमें पकड़ाई है अब यहाँ पाँव पसारे भी नहीं जा सकते
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
Ankita Singh
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तुम ने ही इस को और भी प्यारा बनाया है जिस राब्ते को मैं ने सहारा बनाया है
Vikas Rajput
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ये जिस जहान में बे-ख़्वाबी ले के जाती है वहाँ पे चाहने वाले रुलाए जाते हैं
Vikas Rajput
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आदत कि पहरों चाँद-सितारों को देखना इक दिन ज़मीं से दूर करेगी हमें-तुम्हें
Vikas Rajput
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किसी मक़ाम पे बे-ध्यानी है मेरी की मैं कभी कभी तेरे हिस्से का बोल देता हूँ
Vikas Rajput
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कभी कभी सभी त्यौहार याद आते हैं तेरे बगैर कलाई उदास करती है
Vikas Rajput
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