उन आँखों पर शे'र कहे जा सकते थे उन आँखों में डूब ने से गर बच जाते
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
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तुझे भुला भी दिया फिर भी तेरे पास रहा परिंदे उड़ गए लेकिन कफ़स उदास रहा
Shadab Asghar
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दुआ में माँग लूँ मैं उस को लेकिन फ़क़त पाना मेरा मक़सद नहीं है
Shadab Asghar
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मैं उस के पास आने में लगा हूँ वो मुझ सेे दूर होता जा रहा है
Shadab Asghar
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देखो मौत का मौसम आने वाला है ज़िंदा रहना सब सेे बड़ी लड़ाई है
Shadab Asghar
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मुझे इक बात कहनी थी अगर मुझ को इजाज़त हो तुम्हीं मेरी मुहब्बत हो मुहब्बत हो मुहब्बत हो
Shadab Asghar
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