उन आवाज़ों से मुझ को डर लगता है जिन में लोगों का चिल्लाना शामिल है वो सच्चाई सच कैसे होगी आख़िर जिस में थोड़ा सा अफ़साना शामिल है
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
More from Sanskar Shrivastav
उस की बातें सुनते सुनते इतना मैं खो जाता हूँ जैसे चंदा तकते तकते बच्चा इक सो जाता है
Sanskar Shrivastav
0 likes
उसको क्या मतलब होगा तेरे दिल से तेरा आशिक़ तेरा सीना माँगेगा
Sanskar Shrivastav
0 likes
शरीफ़ों से हुआ मालूम हम को तवाइफ़ का मकाँ है उस गली में
Sanskar Shrivastav
0 likes
तुम्हारे बा'द भी ज़िंदा रहा मैं तुम्हारे साथ धोखा हो गया है
Sanskar Shrivastav
0 likes
तुम पर जँचता है भोलापन माथे पर बिंदी के जैसे
Sanskar Shrivastav
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sanskar Shrivastav.
Similar Moods
More moods that pair well with Sanskar Shrivastav's sher.







