उन दिनों इतनी तरक्की तो नहीं थी 'आक़िब' हाँ मगर लोग मददगार हुआ करते थे
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ये बात और है कभी मातम नहीं किया लेकिन तुम्हारे हिज्र का ग़म कम नहीं किया इक दर्द सा ही बनके मेरे साथ तू रहे कुछ इस लिए भी ज़ख़्मों पे मरहम नहीं किया
Mohammad Aquib Khan
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कैसे कहें के ज़ीस्त में अव्वल है शा'इरी अब तक हमारे हाथ ही रोटी कमाते हैं
Mohammad Aquib Khan
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हम सेे मिलें न आप हमें कुछ गिला नहीं पर ये कभी न बोलें के अब वास्ता नहीं कुछ इस लिए भी रास्ते अपने अलग हुए वो बोला सर झुकाओ मिरा सर झुका नहीं
Mohammad Aquib Khan
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देखे जाते नहीं जब बुझते दियों के मंज़र कैसे देखोगे तुम उन जलते घरों के मंज़र पैरवी फूलों की हम यूँँ ही नहीं करते हैं हम ने देखें हैं बहुत कटते सरों के मंज़र
Mohammad Aquib Khan
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तुम अपना दीन दिखाओ उसे, मोहब्बत भी गले लगाओ मगर पहले तुम सलाम करो
Mohammad Aquib Khan
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