daanishgahon mein mushkil se chaar feesad ya teen feesad asaatezaa aise honge jo mutaalea farmate hain. baqi sab taraqqi ki hijje karte rahte hain. aisay qahat ke aalam mein jab yeh maaloom hota hai ki falaan shakhs ne kitaab parhi hai to kis qadar musarrat hoti hai, is ko sahih taur par bayaan karna mushkil hai.
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बहुत मुश्किल है कोई यूँँ वतन की जान हो जाए तुम्हें फैला दिया जाए तो हिन्दुस्तान हो जाए
Kumar Vishwas
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तुझे न आएँगी मुफ़्लिस की मुश्किलात समझ मैं छोटे लोगों के घर का बड़ा हूँ बात समझ
Umair Najmi
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रिश्तों की ये नाज़ुक डोरें तोड़ी थोड़ी जाती हैं, अपनी आँखें दुखती हों तो फोड़ी थोड़ी जाती हैं ये काँटे, ये धूप, ये पत्थर इनसे कैसा डरना है राहें मुश्किल हो जाएँ तो छोड़ी थोड़ी जाती हैं
Subhan Asad
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सितारे और क़िस्मत देख कर घर से निकलते हैं जो बुज़दिल हैं मुहूरत देख कर घर से निकलते हैं हमें लेकिन सफ़र की मुश्किलों से डर नहीं लगता कि हम बच्चों की सूरत देख कर घर से निकलते हैं
Abrar Kashif
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भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है मोहब्बत करने वाला इस लिए बर्बाद रहता है
Munawwar Rana
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ज़िंदगी भर यूँँ मेरे दिल को दुखाया था बहुत क़ब्र पर आया है वो मुझ से मुआ'फ़ी के लिए
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ज़िंदगी भर मैं बोलूँगा तुझ को इश्क़ का यूँँ दग़ाबाज़ है तू
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ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
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तुम उतर जाओ इन निगाहों में इक नज़र देखने से क्या होगा
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तू मेरी ज़िंदगी है तू है जिगर की धड़कन क्या करूँँगा मैं यहाँ जी के सनम तेरे बिना
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