sherKuch Alfaaz

उस का आँचल हो जाता है जैसे बादल हो जाता है वो कहती है पागल पागल और दिल पागल हो जाता है

More from Ankit Yadav

वो जिस लिहाज़ से दुश्मन समझ रही है हमें हम उस लिहाज़ से तो वुल्वरीन होते हैं

Ankit Yadav

0 likes

मोहब्बत में महारत है हमें बस की नहीं है हसीं चेहरा खुली ज़ुल्फ़ें लटें बस की नहीं है अभी करनी है तो कर ले मोहब्बत कम या ज़्यादा मुझे मालूम है तू बा'द में बस की नहीं है

Ankit Yadav

0 likes

उस के पहलू में रात होती है बात करने पे बात होती है वैसे टाइम का कुछ पता तो नहीं हाँ मगर पौने सात होती है

Ankit Yadav

0 likes

बड़े अदब से बड़ी शराफ़त से देखता हूँ मैं उस की जानिब बड़ी तबीअत से देखता हूँ वो जाते जाते मुझे पलट कर के देखता तो ये देख लेता कि मैं मोहब्बत से देखता हूँ

Ankit Yadav

0 likes

शहर-ए-मशहूर जा रहा है कोई हो के मजबूर जा रहा है कोई खिड़कियाँ पास आती जा रही हैं या'नी अब दूर जा रहा है कोई

Ankit Yadav

0 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Ankit Yadav.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Ankit Yadav's sher.