उस के चेहरे से नज़र अब भला कैसे हटे उस में दिखती है झलक मुझ को मेरे यार की
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िन्दगी को यूँँ फिर आज़माने के बा'द कुछ भी तो अब नहीं है ज़माने के बा'द कैसे ख़ुद को भी दे अब तसल्ली यहाँ पे कैसे ग़म में है वो गुनगुनाने के बा'द
Naviii dar b dar
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'नवी' मक़बूलियत भी अब कहाँ अपनी हम अपने शहर में अनजान दिखते हैं
Naviii dar b dar
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थे यूँँ डूबे हुए इस इश्क़ में इक शख़्स की ख़ातिर जो मेरा हो नहीं सकता ये था मालूम तो मुझ को
Naviii dar b dar
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पाने को इक हसीं ख़्वाब का वो नगर बस भटकता रहा यूँँ नवी दर-ब-दर
Naviii dar b dar
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यूँँ चाहतों के इस दौर में अकेले नहीं वो न जाने कितने आए हैं दिल दुखाने के लिए
Naviii dar b dar
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