उस के दर पर ही बिला शर्त खड़े रहते हैं जैसे परवाने हों जो लौ से अड़े रहते हैं उस का दिल दिल नहीं मयख़ाना हो जैसे यारों चार छह लोग जहाँ यूँँ ही पड़े रहते हैं
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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मुझ में बस एक ही ख़राबी है मैं ज़बाँ-ओ-दिमाग़ रखता हूँ
DEVANSH TIWARI
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दग़ा का सोचते ही जाँ मुझ पर मेरी तस्वीर हँसने वाली थी
DEVANSH TIWARI
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इश्क़ में हद से बढ़ सकती है,बेहतर है सीप में मोती गढ़ सकती है,बेहतर है ख़ामोशी भी सुन सकती है वो लड़की मतलब आँखें पढ़ सकती है,बेहतर है
DEVANSH TIWARI
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भूल-भुलैया में भी हम को इक-इक रस्ता याद रहा उन आँखों में जबसे देखा अपना ठिकाना भूल गए
DEVANSH TIWARI
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तेरे आने से क्या होता है तेरे जाने से क्या होता है छोड़ के तन्हा जाने वालों लौट आने से क्या होता है
DEVANSH TIWARI
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