उस के गालों को झुमके चूमते हैं मेरा हक़ कोई और खा रहा है
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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यूँँ तो व्याकुल है हम से बात करने को वो लेकिन लफ़्ज़ मुहब्बत के मिलते नइँ उस को
Pankaj murenvi
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ये दुख दर्द मेरे सीने से नइँ जाता मैं घर पर हूँ बाबा काम पे जाते हैं
Pankaj murenvi
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यूँँ तो हँस हँस के बातें करता है सब से वो उस का अंदाज़-ए-बरहमी हमारे हक़ में है
Pankaj murenvi
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तिरी निगाहों में अब वार नहीं है वो हम सेे लगता है अब प्यार नहीं है वो है जिस के साथ बैठना भी उठना भी दोस्त है केवल तेरा यार नहीं है वो
Pankaj murenvi
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तेरे शहर से मेरा भी नाता है कोई मुझ सेा यूँँ ही नहीं यहाँ आता है कोई तेरे बा'द मैं गायब सा हूँ इक मुझ में ही मुझ को तेरे सिवा कहाँ भाता है कोई
Pankaj murenvi
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