उस की आँखें झील समुंदर से भी ज़्यादा गहरी थी डूब उन्हीं में मेरी कश्ती पार हो जाया करती थी उस की थी हर बात निराली क्या क्या तुम को बतलाऊँ इक लड़की थी यार कि जो बादल पे साया करती थी
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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मंज़िलों का कौन जाने रहगुज़र अच्छी नहीं उस की आँखें ख़ूब-सूरत है नज़र अच्छी नहीं
Abrar Kashif
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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता
Tehzeeb Hafi
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कितना महफ़ूज़ हूँ मैं कोने में कोई अड़चन नहीं है रोने में मैं ने उस को बचा लिया वरना डूब जाता मुझे डुबोने में
Fahmi Badayuni
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जो कहता है वैसे करना पड़ता है इतना प्यारा है कि डरना पड़ता है आँखें काली कर देता है उस का दुख सब को ये जुर्माना भरना पड़ता है
Kafeel Rana
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किसी का गर सुकूँ हो तो किसी का मसअला हो तुम दुआ हो तुम दवा हो तुम मरज़ हो तुम बला हो तुम
Shashank Shekhar Pathak
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तुम्हें नाज़ है हुस्न पर तो सुनो तुम मुझे भी जुदाई का अब डर न होता
Shashank Shekhar Pathak
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मेरे ख़्वाब नहीं पूरे होते हाँ नींद से मैं अब डरता हूँ तेरी याद अगर आ जाए तो तस्वीर से बातें करता हूँ
Shashank Shekhar Pathak
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सितंबर डेट थी सोलह गई थी छोड़कर जब वो यही तारीख़ है वो जो हमेशा याद रहती है
Shashank Shekhar Pathak
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जुर्म किस का किस के सर इल्ज़ाम आया आज रोया जाके तब आराम आया हो रही थी जंग उस के नाम पर और वो ही मेरे दुश्मनों के काम आया
Shashank Shekhar Pathak
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