उस्लूब से तहज़ीब-ए-कुहन बोल रहा है हर शख़्स से करने को जतन बोल रहा है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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वो झूठ बोल रहा था बड़े सलीक़े से मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता
Waseem Barelvi
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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सच बताओं मर्सिया-ख़्वानी किसे मालूम है आँख से बहता हुआ पानी किसे मालूम है
Manohar Shimpi
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ये गोया आदमी भी आदमी होता लिहाज़-ए-इश्क़ भी तो लाज़मी होता
Manohar Shimpi
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उस ने झरोखे से फ़क़त देखा मगर वो चाँद सा चेहरा नज़र आया मुझे
Manohar Shimpi
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ज़िक्र जब भी हो गुनाहों का 'मनोहर' फ़ैसला तो फिर अदालत ही करेगी
Manohar Shimpi
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ज़िक्र ज़ात-ओ-सिफ़ात भी होगा कोई फिर कुल्लियात भी होगा
Manohar Shimpi
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