वहाँ तू ने उठाया जब भरोसा इस मुहब्बत से यहाँ हर शे'र बाग़ी हो गया दीवान का मेरे
Related Sher
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
129 likes
ये मुहब्बत की किताबें कौन यूँँ कब तक पढ़े कौन मारे रोज़ ही इक बात पे अपना ही मन
nakul kumar
87 likes
न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं
Jaun Elia
86 likes
निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
Waseem Barelvi
85 likes
More from Shan Sharma
मुझे अच्छा नहीं लगता ये कहना हमनवाई में हुआ पर है बहुत नुक़सान तुझ सेे आशनाई में दिया है वक़्त जितना इक तिरी इस चाह को मैं ने ख़ुदा मिल जाता है इतने दिनों की पारसाई में
Shan Sharma
0 likes
ज़ख़्म तुझ को नवाज़ दूँ भी गर पर न धोखा मैं दिलरुबा दूँगा
Shan Sharma
0 likes
निभाओगी जो तुम वा'दा करोगी वफ़ा का या कहीं सौदा करोगी जिसे तुम ढूँढती रहती हो मुझ में मिला वो ग़ैर में तो क्या करोगी
Shan Sharma
0 likes
बन गए तल्ख़ आजकल वैसे हम सरापा कभी मोहब्बत थे
Shan Sharma
0 likes
बा'द मुद्दत वो मिलने आते हैं ख़्वाब पहले दिखाए जाते हैं फ़ासले याद के सबब तो हैं हाँ मगर दिल बहुत जलाते हैं
Shan Sharma
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shan Sharma.
Similar Moods
More moods that pair well with Shan Sharma's sher.







