वक़्त किस तरह देखो करवटें बदलता है कल जो मेरे हामी थे आज मेरे दुश्मन हैं
Related Sher
किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
162 likes
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
किस ने दस्तक दी ये दिल पर कौन है आप तो अंदर हैं बाहर कौन है
Rahat Indori
141 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
161 likes
More from ''Akbar Rizvi"
जिस को रहती है हर घड़ी तेरी फ़िक्र ऐसे आशिक़ से दिल-लगी करना
''Akbar Rizvi"
0 likes
ज़मीर बेच के ये भी अमीर हो जाते अगर ग़रीबों में ख़ुद्दारियाँ नहीं होती
''Akbar Rizvi"
0 likes
नुसरत-ए-हक़ देखना आशूर तक ले जाएगी हसरत-ए-दीदार कोह-ए-तूर तक ले जाएगी
''Akbar Rizvi"
0 likes
वक़्त ए मुश्किल तुम्हें ख़ालिक़ ही सहारा देगा अपने अहबाब से उम्मीद ए वफ़ा मत रखना
''Akbar Rizvi"
1 likes
या'नी सुकून-ए-क़ल्ब क़ज़ा चाहता हूँ मैं इस दर्द-ए-ला-दवा की दवा चाहता हूँ मैं
''Akbar Rizvi"
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on ''Akbar Rizvi".
Similar Moods
More moods that pair well with ''Akbar Rizvi"'s sher.







