वो अपनी ज़िंदगी में, हम सफ़र कुछ यूँँ बदलते हैं नया गर मिल गया कोई, पुराना छोड़ देते हैं
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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उस के हक में मुझे जो लगा कर दिया क़ैद से उस को हम ने रिहा कर दिया बात हिम्मत से दिल की कही थी मगर आपने जो सुना अन-सुना कर दिया
Harshwardhan Aurangabadi
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ज़िंदगी का सफ़र साथ चलता रहा मैं तेरी मौत पर, हाथ मलता रहा
Harshwardhan Aurangabadi
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ज़रूरत पड़े तो कभी कॉल करना तुम्हारे लिए हम हमेशा रहेंगे
Harshwardhan Aurangabadi
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रफ़्ता-रफ़्ता सब कुछ खोने को बैठा हूँ क्यूँँ चाहत में पागल होने को बैठा हूँ ना आया था साथी मेरा, ना आएगा सजदे में, राहों पर रोने को बैठा हूँ
Harshwardhan Aurangabadi
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तीरगी में रही बे-कसी रात भर दर्द देती रही, दिल-लगी रात भर मैं सवेरे तेरे शहर आता मगर ज़ख़्म आँखें दिखाती रही रात भर
Harshwardhan Aurangabadi
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