वबा का दौर है सहमा हुआ है आदमी मौला सभी हैं खो रहे अपने रहम कुछ तो ख़ुदा करिए
Related Sher
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
मुझ को इस लफ़्ज़ का मतलब नहीं मालूम मगर आप की हम्म ने मुझे सोच में डाला हुआ है
Ammar Iqbal
84 likes
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ रास्ते की मुश्किलें तो जान लूँ आता होगा उस का ठुकराया हुआ
Balmohan Pandey
78 likes
जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा रात इस डर में गुजारी हम ने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा
Tehzeeb Hafi
89 likes
More from Prashant Sitapuri
ये मान लिया मैं ने बदला हूँ बहुत लेकिन ये ठीक है क्या पहले जैसी ही रही हो तुम
Prashant Sitapuri
0 likes
उस का कहना था साथ रहना है उस की बातों पे ख़ूब हँसता हूँ
Prashant Sitapuri
0 likes
उठते हैं बुलबुले जो सभी इंतिशार के रह-रह के याद क़िस्से दिलाते हैं हार के मुझ को यक़ीन उस पे ज़्यादा है इस लिए देखे हैं मैं ने मोजिज़े परवरदिगार के
Prashant Sitapuri
1 likes
प्यार क्या है?, आप बस इतना समझिये राम अपनी जानकी को देखते हैं
Prashant Sitapuri
1 likes
दो भाइयों के बीच के आँगन का दर्द हूँ दीवार दरमियाँ मेरे खींची गई है आज
Prashant Sitapuri
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Prashant Sitapuri.
Similar Moods
More moods that pair well with Prashant Sitapuri's sher.







