वो अपने साथ साथ में हम जैसे खिलौने रखती है डेढ़ साल से ज़्यादा नहीं रखती
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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उस ने पूछा याद हमारी आती है कोई अपनी बर्बादी को भूलता है
Upendra Bajpai
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तुम तो बेताब थे जगाने को पर मुझे नींद ही नहीं आई
Upendra Bajpai
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मैं क्या करूँँ जो मौत से उम्मीद न रखूँ कोई मैं क्या करूँँ कि ज़िन्दगी में कुछ बदल नहीं रहा वो हौसला था फूँक मारकर बुझा दें आफ़ताब ये हाल है कि मुझ सेे इक चराग़ जल नहीं रहा
Upendra Bajpai
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तुम ने मेरी पेशानी पर होंठों से जो लिक्खा है सच बतलाऊँ ये दुनिया का सब सेे उम्दा मतला है
Upendra Bajpai
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हाए वो तिल कि छोड़ो रहने दो ग़ैर-वाजिब है तज़किरा करना
Upendra Bajpai
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