मैं क्या करूँँ जो मौत से उम्मीद न रखूँ कोई मैं क्या करूँँ कि ज़िन्दगी में कुछ बदल नहीं रहा वो हौसला था फूँक मारकर बुझा दें आफ़ताब ये हाल है कि मुझ सेे इक चराग़ जल नहीं रहा
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तुम तो बेताब थे जगाने को पर मुझे नींद ही नहीं आई
Upendra Bajpai
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सोलह दिन पहले तक जो बस मेरी थी सोलह दिन के बा'द वही 'तौबा-तौबा'
Upendra Bajpai
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वो अपने साथ साथ में हम जैसे खिलौने रखती है डेढ़ साल से ज़्यादा नहीं रखती
Upendra Bajpai
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लौट आता हूँ अधूरा ही उसे मिल कर मैं वस्ल के दिन भी मुकम्मल नहीं मिलता मुझ को
Upendra Bajpai
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मैं आँखें बंद कर के देखता हूँ मैं जब मर जाऊँगा कैसा लगूँगा
Upendra Bajpai
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