मैं आँखें बंद कर के देखता हूँ मैं जब मर जाऊँगा कैसा लगूँगा
Related Sher
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
More from Upendra Bajpai
उस ने पूछा याद हमारी आती है कोई अपनी बर्बादी को भूलता है
Upendra Bajpai
1 likes
तेरी क़ुर्बत में उम्रभर रह कर मेरी अंतिम तलब मुहब्बत थी
Upendra Bajpai
1 likes
वो अपने साथ साथ में हम जैसे खिलौने रखती है डेढ़ साल से ज़्यादा नहीं रखती
Upendra Bajpai
2 likes
कितनी परियों की नसीहत ले कर ऐसी आँखें बनाई जाती हैं
Upendra Bajpai
1 likes
साया पड़े न तुझ पे किसी बदनसीब का या'नी के मेरा साथ मुयस्सर न हो तुझे
Upendra Bajpai
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Upendra Bajpai.
Similar Moods
More moods that pair well with Upendra Bajpai's sher.







