वो और दिन थे जब कोई पूछता न था रहते हैं आज सब मेरे इंतिज़ार में
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी से सब को कुछ तो चाहिए तू मगर वो है जो सब को चाहिए साथ तेरे एक दिन ही काफ़ी है इतनी लंबी उम्र किस को चाहिए
Amit Rajvanshi 'Guru'
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ये मुझ से बिछड़ना तो पहला क़दम था अभी तुम यहाँ और माहिर बनोगे
Amit Rajvanshi 'Guru'
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ये मेरी मुश्किल कोई मुश्किल थोड़ी है गर वो मुश्किल में होता तो मुश्किल होती
Amit Rajvanshi 'Guru'
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ये है तेरा दिया आख़िरी ज़ख़्म इस का बनता है नासूर होना
Amit Rajvanshi 'Guru'
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यहाँ तो खेल सारा रौशनी का है यहाँ दीए के जलने से किसी को क्या
Amit Rajvanshi 'Guru'
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