वो दिल की बातें जब दिल में रखती थी मैं दिल से करता था तब दिल की बातें मैं महफ़िल में करता हूँ उस की ही बात वो मुझ सेे करती है महफ़िल की बातें
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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उस जगह पे इन उजालों ने की होगी ख़ुद-कुशी जिस जगह मश्कूक हालत में मिला उल्टा दिया
Raj
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हम एक दूजे का किरदार ही तो जी रहे हैं मैं अगले साल कोई हूँ तू अगले साल कोई
Raj
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आजिज़ हूँ ऐ ख़ुदा ज़बाँ के इख़्तिलाफ़ से क़ुरआन भी है काफ़ से काफ़िर भी काफ़ से
Raj
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वो दोस्त बन गई है आशना बनाना है पहाड़ काट दिया रास्ता बनाना है
Raj
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ग़म की चिंगारियों को हवा दीजिए दीजिए दीजिए बद-दुआ दीजिए
Raj
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