वो मेरे ही जिगर में रहता है आज देखा उसे जो छू कर के मैं यक़ीनन ख़ुशी से झूम उठा यार को अपने रू-ब-रू कर के
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तड़प मेरे कलेजे की समझ भी जाओ जान-ए-जाँ ज़ियादा और खुल कर क्या कहूँ बस घर चले आते
Nityanand Vajpayee
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वादों से मुकर जाना तो फ़ितरत है तुम्हारी कुछ और नया खेल दिखाओ तो बने बात
Nityanand Vajpayee
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इस को छेड़ा उस को छेड़ा कितना और विवाद करोगे
Nityanand Vajpayee
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हैं नहीं दुनिया में जिन के बाक़ियातुस्सालिहात कौन उन के फ़ातिहा में आएँगे बन कर हुजूम
Nityanand Vajpayee
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हर दिन एक फ़साद करोगे क्या दुनिया बर्बाद करोगे
Nityanand Vajpayee
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