या इलाही हो ख़ैर क़ासिद की उन की अब कुछ ख़बर नहीं आती
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
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ज़ुल्म की मिल के क़मर ऐसे करेंगे ख़म सब दूर हो जाएँगे ये अपने वतन से ग़म सब ख़्वाब अज्दाद ने जो देखा है इक दिन उस की देखना ख़ून से ता'बीर लिखेंगे हम सब
Shajar Abbas
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ये ज़मीं आसमान दे दूँगा मैं तुम्हें दो जहान दे दूँगा और क्या दूँ भला सुबूत-ए-वफ़ा जान माँगोगे जान दे दूँगा
Shajar Abbas
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ये इश्क़ जो है एक हिमाक़त है दोस्तों सब कीजिए मगर ये हिमाक़त न कीजिए
Shajar Abbas
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ज़र्द होने लगी है दस्त-ए-हिना लौट आओ शजर ख़ुदा के लिए
Shajar Abbas
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