यही तो बस हक़ीक़त है समझती क्यूँ नहीं रिमझिम मुझे तुम से मुहब्बत है समझती क्यूँ नहीं रिमझिम ये दुनिया क्या मुझे कुछ भी मिले मैं छोड़ सकता हूँ मुझे बस तेरी चाहत है समझती क्यूँ नहीं रिमझिम
Related Sher
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
More from Kaviraj " Madhukar"
ज़िन्दगी भर बस तिरी चाहत करेंगे जान ए मन बस तुझे अपनी दिली आदत करेंगे जान ए मन
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
वो जो मिरा हैं ही नहीं होता उसी का काश मैं
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
तुझी से तो सुब्ह है शाम है तुझे ही चाहना मेरा काम है अगर तुम सुन सको तो फिर सुनो मिरे दिल में तुम्हारा नाम है
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
तुझे पाना मिरे वश में नहीं पर तुझे ही चाहना वश में मिरे है
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
उसे लग जाए कैसे भी लत हमारी खु़दाया बस यही हैं चाहत हमारी
Kaviraj " Madhukar"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kaviraj " Madhukar".
Similar Moods
More moods that pair well with Kaviraj " Madhukar"'s sher.







