ये अजब दौर है, सब जहाँ पर अभी "लिख रहे" हैं ग़ज़ल "कह रहे हैं" नहीं
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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है
Waseem Barelvi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
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मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
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ज़िन्दगी की उलझनों की फ़िक्र करना छोड़ कर हम तेरी ज़ुल्फों में उलझने की तमन्ना कर रहे हैं
Alankrat Srivastava
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तैश में उस ने मोहब्बत छोड़ दी होश में वो एक दिन पछताएगा
Alankrat Srivastava
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मेरा जीवन भी मरण भी राम हैं और आख़िर में शरण भी राम हैं
Alankrat Srivastava
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हमें पूछो कठिन कितना किसी का दिल चुराना है उन्हें क्या है उन्हें तो बस ज़रा का मुस्कुराना है
Alankrat Srivastava
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कौन कहता है ये दूर मुझ सेे हो तुम तुम सेे रौशन हूँ मैं नूर मुझ सेे हो तुम
Alankrat Srivastava
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