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ये दिल मलूल भी कम है उदास भी कम है कई दिनों से कोई आस पास भी कम है हमें भी यूँ ही गुजरना पसंद है और फिर तुम्हारा शहर मुसाफ़िर-शनास भी कम है
Farhat Abbas Shah33 Likes
ये दिल मलूल भी कम है उदास भी कम है कई दिनों से कोई आस पास भी कम है हमें भी यूँ ही गुजरना पसंद है और फिर तुम्हारा शहर मुसाफ़िर-शनास भी कम है
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