ये दोस्त दुनिया ये जालसाज़ी क़दम क़दम पर करे है ठोकर तेरा सुदामा गिरा कन्हैया इसे उठाओ गले लगाओ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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ख़ामोशियाँ ग़ुलाम बनाती हैं शोर को शब इश्क़ के उसूल सिखाती चकोर को दिन भर तो मेरे यार मेरे यार थे बहुत पर शाम को गया जो वो लौटा न भोर को
Anmol Mishra
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फटे मुक़द्दर पे रख के खद्दर हुई सिकंदर उदास नस्लें ज़मीन फाड़ी निचोड़े बादल बनाए सागर उदास नस्लें सुलगते ख़्वाबों की राख ले कर गढ़े थे पुतले जो टेढ़े मेढ़े हँसी के मंतर से जान फूँके उन्हीं के अंदर उदास नस्लें
Anmol Mishra
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ये हुनर मेरे भी अंदर आ गया है दोस्तों दिल पे लगती बात को बस मुस्कुरा कर टाल दूँ
Anmol Mishra
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महकते पन्नों की भीनी ख़ुशबू नशा चढ़ाए अलग तरह का जहाँँ में जितने शराब-ख़ाने बनाओ सारे किताबख़ाने
Anmol Mishra
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तमाम रातें सुकून सारा चुरा के जानाँ कहाँँ को चल दी सुनो शब-ए-वस्ल है हमारी जगा के जानाँ कहाँँ को चल दी हमारे पैरों पे पैर रख के खड़ी हुई थी गले लगाने तुम्हारे पैरों लगी महावर लगा के जानाँ कहाँँ को चल दी
Anmol Mishra
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