ये गहरा राज़ है इस का बदन को खा ही जाती है मोहब्बत पाक होकर भी हवस तक आ ही जाती है
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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जो मेरे नाम से मंसूब कर के तोड़े थे वो फूल अब भी रखे हैं तेरी किताब में क्या मुझे यूँँ वहशतों की मौत मारने वाले बचा हुआ है मेरा अक्स तेरे ख़्वाब में क्या
ALI ZUHRI
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देख कर हुस्न तिरा चाँद बहक जाता है लड़खड़ाता हुआ अंबर से ढलक जाता है
ALI ZUHRI
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बा'द तेरे तो क्या करेंगे हम हिज्र का हक़ अदा करेंगे हम फूल बन जाएँगे महकने को तितलियों से वफा करेंगे हम
ALI ZUHRI
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मैं जब कोई नज़्म निगारी करता हूँ तुम ही तो बस उस का ख़याल होती हो
ALI ZUHRI
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दो पल की दिल-लगी रही दो पल रहा सफ़र अब हिस्से रह गया है तेरा हिज्र उम्र भर मैं चाहता था चलना तेरे साथ बा-क़दम पर खा गया ज़माने की रुस्वाइयों का डर
ALI ZUHRI
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