ये कहाँ की रीत है जागे कोई सोए कोई रात सब की है तो सब को नींद आनी चाहिए
Related Sher
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
More from Madan Mohan Danish
क्यूँँ ज़रूरी है किसी के पीछे पीछे हम चलें जब सफ़र अपना है तो अपनी रवानी चाहिए
Madan Mohan Danish
11 likes
पत्थर पहले ख़ुद को पत्थर करता है उस के बा'द ही कुछ कारीगर करता है
Madan Mohan Danish
14 likes
मुसलसल तजरबों का है नतीजा मैं दरया से किनारा हो गया हूँ
Madan Mohan Danish
33 likes
ये हासिल है मिरी ख़ामोशियों का कि पत्थर आज़माने लग गए हैं
Madan Mohan Danish
27 likes
मंज़िलें आती जाती रहती हैं किस लिए राह में रुका जाए
Madan Mohan Danish
33 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Madan Mohan Danish.
Similar Moods
More moods that pair well with Madan Mohan Danish's sher.







