ये तेरा हुस्न उफ़ पल पल मुझे घाइल ही करता है तेरे ही इश्क़ का बस है करम जो मैं कि ज़िंदा हूँ मुझे आवाज़ दे दे तो मैं आख़िर क्यूँ न आऊँगा अरे मैं तो तेरा पाला हुआ आशिक़ परिंदा हूँ
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एक नज़र देखते तो जाओ मुझे कब कहा है गले लगाओ मुझे तुम को नुस्ख़ा भी लिख के दे दूँगा ज़ख़्म तो ठीक से दिखाओ मुझे
Zia Mazkoor
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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रख के हर चीज़ भूलने वाली ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ
Kumar Vishwas
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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को
Kushal Dauneria
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जब कभी ज़ख़्म तेरे भरने लगें याद करना मुझे अकेले में
Adnan Ali SHAGAF
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तेरे बा'द इस क़दर मैं रोया हूँ लोग मुझ को नदी बुलाते हैं
Adnan Ali SHAGAF
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सीने में तो काँटे ही नहीं हैं दिल में फिर ये चुभन क्यूँ है माना कि ख़ुदा है साथ मेरे फिर भी ये अकेलापन क्यूँ है
Adnan Ali SHAGAF
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ख़ुदा के दर से तुझे इस अदास माँगा है कि हाथ उठा के नहीं सर झुका के माँगा है
Adnan Ali SHAGAF
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कुछ कर नहीं रहे तो इक काम कीजिएगा बाँहों में आके मेरे आराम कीजिएगा
Adnan Ali SHAGAF
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