यूँँ बार बार मुझ को सदाएँ न दीजिए अब वो नहीं रहा हूँ कोई दूसरा हूँ मैं
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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न करो बहस हार जाओगी हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं
Jaun Elia
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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मैं ने इक शहर हमेशा के लिए छोड़ दिया लेकिन उस शहर को आँखों में बसा लाया हूँ
Azm Shakri
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अगर साए से जल जाने का इतना ख़ौफ़ था तो फिर सहर होते ही सूरज की निगहबानी में आ जाते
Azm Shakri
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वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है
Azm Shakri
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ये जो दीवार अँधेरों ने उठा रक्खी है मेरा मक़्सद इसी दीवार में दर करना है
Azm Shakri
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ज़िंदगी मेरी मुझे क़ैद किए देती है इस को डर है मैं किसी और का हो सकता हूँ
Azm Shakri
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