यूँँ तो हर उलझनों से उलझा पड़ा हूँ मैं पर फिर भी ज़िन्दगी में डटकर खड़ा हूँ मैं ग़म कोई भी न छू पाए मेरे घर को यूँँ ये ज़िम्मेदारी से जो घर का बड़ा हूँ मैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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उस के चेहरे से नज़र अब भला कैसे हटे उस में दिखती है झलक मुझ को मेरे यार की
Naviii dar b dar
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रास्ता ही नहीं दिल में भी जाने को कितने ही ढब किए यूँँ तुझे पाने को
Naviii dar b dar
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कितनी ख़्वाहिश दिल लगाने की थी मुझ को भी उम्र भर कोई न मेरा साथ दे पाया
Naviii dar b dar
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मैं शाम से सोच में डूबा रहा क्यूँ प्यार मेरा बस अधूरा रहा
Naviii dar b dar
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ये अदावत भी तो इंसानों की दुश्मन है क्यूँँ न हम थोड़ा मुहब्बत से ही पेश आऍं
Naviii dar b dar
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