sherKuch Alfaaz

ज़माने की नज़र से माँ ज़माना देख लेती है जहाँ महफ़ूज़ हो रहना ठिकाना देख लेती है जो बेटी बन के जाती है किसी के नाम की दुल्हन विदा करने से पहले माँ घराना देख लेती है

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ये आँखें अब ख़्वाब नए क्यूँ देखेंगी इन आँखों में ख़्वाब तुम्हारे ठहरे थे

Naimish trivedi

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तुम हुई हो जो चाहत किसी और की थी हमेशा से मन्नत किसी और की दूर जाना पड़ेगा तुम्हें एक दिन क्योंकि तुम हो अमानत किसी और की

Naimish trivedi

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सितारों ने कभी सोचा, हुए जो दिन कहाँ जाएँ गुज़ारे दिन जो हैं हम ने उन्हें गिन-गिन कहाँ जाएँ कभी हम भी वफ़ा के नाम से मशहूर थे लेकिन नहीं मालूम अब हम को तुम्हारे बिन कहाँ जाएँ

Naimish trivedi

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कोई गागर गड़ी तो नहीं माँग ली सोम की इक नदी तो नहीं माँग ली मैं ने माँगी मोहब्बत की बस इक घड़ी कोई अल्कापुरी तो नहीं माँग ली

Naimish trivedi

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तोड़ कर हर क़सम इक क़सम के लिए साथ हम हर ख़ुशी और ग़म के लिए एक वा'दा किया उस ने' हम सेे यही एक होंगे सदा हर जनम के लिए

Naimish trivedi

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