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pyaar ka pahla khat likhne men vaqt to lagta hai nae parindon ko udne men vaqt to lagta hai jism ki baat nahin thi un ke dil tak jaana tha lambi duuri tai karne men vaqt to lagta hai ganth agar lag jaae to phir rishte hon ya dori laakh karen koshish khulne men vaqt to lagta hai ham ne ilaj-e-zakhm-e-dil to dhund liya lekin gahre zakhmon ko bharne men vaqt to lagta hai pyar ka pahla khat likhne mein waqt to lagta hai nae parindon ko udne mein waqt to lagta hai jism ki baat nahin thi un ke dil tak jaana tha lambi duri tai karne mein waqt to lagta hai ganth agar lag jae to phir rishte hon ya dori lakh karen koshish khulne mein waqt to lagta hai hum ne ilaj-e-zakhm-e-dil to dhund liya lekin gahre zakhmon ko bharne mein waqt to lagta hai

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यही अपनी कहानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले वो लड़की जाँ हमारी थी, मियाँ पहले बहुत पहले वहम मुझ को ये भाता है,अभी मेरी दिवानी है मगर मेरी दिवानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है, वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले, बहुत पहले अदब से माँग कर माफ़ी भरी महफ़िल ये कहता हूँ वो लड़की ख़ानदानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले

Anand Raj Singh

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उसी जगह पर जहाँ कई रास्ते मिलेंगे पलट के आए तो सब सेे पहले तुझे मिलेंगे अगर कभी तेरे नाम पर जंग हो गई तो हम ऐसे बुज़दिल भी पहली सफ़ में खड़े मिलेंगे तुझे ये सड़कें मेरे तवस्सुत से जानती हैं तुझे हमेशा ये सब इशारे खुले मिलेंगे

Tehzeeb Hafi

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क्यूँँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा हँसती आँखों में झाँक कर देखो कोई आँसू कहीं छुपा होगा इन दिनों ना-उमीद सा हूँ मैं शायद उस ने भी ये सुना होगा देख कर तुम को सोचता हूँ मैं क्या किसी ने तुम्हें छुआ होगा

Javed Akhtar

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ये ग़म क्या दिल की आदत है नहीं तो किसी से कुछ शिकायत है नहीं तो है वो इक ख़्वाब-ए-बे-ताबीर उस को भुला देने की निय्यत है नहीं तो किसी के बिन किसी की याद के बिन जिए जाने की हिम्मत है नहीं तो किसी सूरत भी दिल लगता नहीं हाँ तो कुछ दिन से ये हालत है नहीं तो तेरे इस हाल पर है सब को हैरत तुझे भी इस पे हैरत है नहीं तो हम-आहंगी नहीं दुनिया से तेरी तुझे इस पर नदामत है नहीं तो हुआ जो कुछ यही मक़्सूम था क्या यही सारी हिकायत है नहीं तो अज़िय्यत-नाक उम्मीदों से तुझ को अमाँ पाने की हसरत है नहीं तो तू रहता है ख़याल-ओ-ख़्वाब में गुम तो इस की वज्ह फ़ुर्सत है नहीं तो सबब जो इस जुदाई का बना है वो मुझ सेे ख़ूब-सूरत है नहीं तो

Jaun Elia

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मेरे बस में नहीं वरना क़ुदरत का लिखा हुआ काटता तेरे हिस्से में आए बुरे दिन कोई दूसरा काटता लारियों से ज़्यादा बहाव था तेरे हर इक लफ्ज़ में मैं इशारा नहीं काट सकता तेरी बात क्या काटता मैं ने भी ज़िंदगी और शब ए हिज्र काटी है सबकी तरह वैसे बेहतर तो ये था के मैं कम से कम कुछ नया काटता तेरे होते हुए मोमबत्ती बुझाई किसी और ने क्या ख़ुशी रह गई थी जन्मदिन की, मैं केक क्या काटता कोई भी तो नहीं जो मेरे भूखे रहने पे नाराज़ हो जेल में तेरी तस्वीर होती तो हँसकर सज़ा काटता

Tehzeeb Hafi

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रास्ता किस जगह नहीं होता सिर्फ़ हम को पता नहीं होता अब भलों का भला नहीं होता अब बुरों का बुरा नहीं होता बरसों रुत के मिज़ाज सहता है पेड़ यूँँ ही बड़ा नहीं होता छोड़ दें रास्ता ही डरके हम ये कोई रास्ता नहीं होता एक नाटक है ज़िंदगी यारो कौन बहरुपिया नहीं होता ख़ौफ़ राहों से किसलिए 'हस्ती' हादसा घर में क्या नहीं होता

Hastimal Hasti

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प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है जिस्म की बात नहीं थी उन के दिल तक जाना था लंबी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है गाँठ अगर लग जाए तो फिर रिश्ते हों या डोरी लाख करें कोशिश खुलने में वक़्त तो लगता है हम ने इलाज-ए-ज़ख़्म-ए-दिल तो ढूँड लिया लेकिन गहरे ज़ख़्मों को भरने में वक़्त तो लगता है

Hastimal Hasti

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