sherKuch Alfaaz

आदमी हिम्मती ग़र हुआ नइँ प्यार काग़ज़ में बोता रहेगा

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उस एक शख़्स को हम भूलने की कोशिश में न जाने कितनी दफ़ा उस को याद कर बैठे

Rakesh Mahadiuree

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दोस्ती में माँ बहन की गालियाँ बकना सब सेे गन्दी ज़्यादती है दोस्ती के साथ

Rakesh Mahadiuree

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ग़ज़ल कहता हूँ और बारूद पे सिगरेट पीता हूँ अगर भूचाल भी आ जाए तो मैं डर नहीं सकता

Rakesh Mahadiuree

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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त 'ग़ालिब' नाम हम ने कभी गुलज़ार नहीं रक्खा है मेरे बच्चे भी मुहब्बत में वफ़ा करते हैं मैं ने घर में कभी हथियार नहीं रक्खा है

Rakesh Mahadiuree

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शाहजहाँ जब याद में खो कर ताजमहल बनवाएँगे मजनूँ जी जब पागल होकर लैला री चिल्लाएँगे हम तो कायर प्रेमी हम में क्या कोई सामर्थ्य मगर जादूनगरी से हम कोई जादूगर ले आएँगे

Rakesh Mahadiuree

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