आदमी को है इक रौशनी की तलाश मौत के बा'द भी ज़िंदगी की तलाश गाँव भी चाहिए शहर भी चाहिए फिर ज़मीं घेर कर भी ख़ुशी की तलाश
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कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
Kumar Vishwas
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भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बा'द
Umair Najmi
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तुम्हारे बा'द ये दुख भी तो सहना पड़ रहा है किसी के साथ मजबूरी में रहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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ज़िन्दगी में रोज़ इम्तिहान है न जाने क्यूँँ कुछ करो या मत करो थकान है न जाने क्यूँँ पहले लोगों की तरह हमें न मिल सका सुकून चलते फिरते ज़ेहन में दुकान है न जाने क्यूँँ
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी में हादसे ही हादसे हैं हाल कोई कैसे पूछे दूसरे का
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी को होंटों से छूने का मन है दर्द भी ग़म भी अगर मुझ को दे मोहलत
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी महफ़िल नहीं है क़हक़हों की इस का असली नाम तो संजीदगी है
Meem Alif Shaz
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ज़िन्दगी तुझ को न जी पाए हम वक़्त ने दर्द दिया जब इतना
Meem Alif Shaz
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