sherKuch Alfaaz

आदमिय्यत के तक़ाज़ात निभा सकता हूँ तेरी कश्ती को मैं साहिल से लगा सकता हूँ मैं ने समझा है तुझे अपना वजूद-ए-सानी कैसे मेआ'र तेरा दिल से गिरा सकता हूँ

ALI ZUHRI7 Likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on ALI ZUHRI.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with ALI ZUHRI's sher.