आख़िरी बार चलो हाथ मिला लेते हैं फिर कहाँ जाने मुलाक़ात हमारी होगी
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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आँख में नम तक आ पहुँचा हूँ उस के ग़म तक आ पहुँचा हूँ पहली बार मुहब्बत की थी आख़िरी दम तक आ पहुँचा हूँ
Khalil Ur Rehman Qamar
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या तो हासिल हो बस मुझे वो शख़्स या तो सब पर हराम हो जाए
Yamir Ahsan
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वो मुझ को जब नज़रअंदाज़ करती है ये ख़ामोशी बहुत आवाज़ करती है
Yamir Ahsan
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पंखा दीवार और खिड़कियों पर नज़र जाती है रात यूँँ ही गुज़रनी थी यूँँ ही गुज़र जाती है इश्क़ ने कौन सी तार जाने कहाँ जोड़ दी दिल कभी भरने लग जाए तो आँख भर जाती है
Yamir Ahsan
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ले जाऊँ सफ़र ये सितारों से आगे मगर तुम बढ़ो तो इशारों से आगे
Yamir Ahsan
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तमाम रात एक शख़्स के लिए जला के छोड़ रक्खे थे सभी दिए
Yamir Ahsan
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