आख़िरी में चार कन्धे काम आने हैं मियाँ जिस पे तुम इतरा रहे वो धन रखा रह जाएगा
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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उस की चौखट को चू में बिन अपना तीर्थ अधूरा है औरों की ख़ातिर बस चारों धाम बहुत होते होंगे
Akash Gagan Anjaan
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ये तो हम सेे आज़ादी की अर्ज़ी है तुम ख़ुद गर्ज़ नहीं थे ये ख़ुद गर्ज़ी है चाहत तो तुम समझ रही हो अच्छे से आगे मेरी जान तुम्हारी मर्ज़ी है
Akash Gagan Anjaan
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समय का फेर बदलेगा किसी दिन अभी तो हम भी ठोकर खा रहे हैं
Akash Gagan Anjaan
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ज़रा सा भर गए क्या देखिए ना घड़े झगड़ा नदी से कर रहे हैं
Akash Gagan Anjaan
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सब लोगों में कमियाँ ढूँढ़ने वाले लोग अपने कॉलर तक भी काश पहुँच पाते
Akash Gagan Anjaan
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