आँखें तुम्हारी ग़ौर से पढ़ने लगा हूँ आज-कल सच छोड़ कर जानाँ ज़ियादा झूठ जो कहने लगे
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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वो ही उन को आधी रात सड़क पर छोड़ चला इक रोज़ यहाँ जिस ने गाहे रात गुज़ारी थी उन की आँखों के साए में
Sandeep dabral 'sendy'
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वक़्त लगता है नतीजों को यहाँ आने में अक्स दिखता न कभी चलते हुए पानी में
Sandeep dabral 'sendy'
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ये मानो न मानो यहाँ अपना कल सुन रहा है ये पढ़ने की इस उम्र में जो ग़ज़ल सुन रहा है
Sandeep dabral 'sendy'
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वक़्त कहाँ लगता है याँ क्या से क्या होने में जैसे नइँ लगता है याँ, 'है' से 'था' होने में
Sandeep dabral 'sendy'
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वो कहते थे गर बिछड़े तो मर जाएँगे हम पर कल हम ने उन को हँसते गाते हुए देखा
Sandeep dabral 'sendy'
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