वो कहते थे गर बिछड़े तो मर जाएँगे हम पर कल हम ने उन को हँसते गाते हुए देखा
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दूरी हुई तो उन सेे क़रीब और हम हुए ये कैसे फ़ासले थे जो बढ़ने से कम हुए
Waseem Barelvi
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कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए
Rehman Faris
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मिलना तो ख़ैर उस को नसीबों की बात है देखे हुए भी उस को ज़माना गुज़र गया
Adeem Hashmi
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
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और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
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यार मुकम्मल हो न सका अफ़साना जिन का भी उन को बात मुहब्बत की बे-मतलब लगती है
Sandeep dabral 'sendy'
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सुना है जो उसे देखे उसी के सिम्त हो जाए मियाँ कर के ये गुस्ताख़ी उसे अब हम भी देखेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
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उतर रहे हैं कुछ किरदार मिरे दिल से धीरे धीरे बदल रहे हैं कुछ जाहिल में काबिल से धीरे धीरे
Sandeep dabral 'sendy'
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उस को भी कोई छोटा-मोटा रहज़न घोषित करवा दो मालूम नहीं है कितनों को मुस्कान से लूटा है अपनी
Sandeep dabral 'sendy'
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तिफ़्ल थे जब हम हमारे दिल पे इतने पर्दे नइँ थे याँ सभी कुछ था मगर चेहरे पे इतने चेहरे नइँ थे नौकरी से पहले बिल्कुल मामला था याँ बराबर वो भी इतने महँगे नइँ थे हम भी इतने सस्ते नइँ थे
Sandeep dabral 'sendy'
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