सुना है जो उसे देखे उसी के सिम्त हो जाए मियाँ कर के ये गुस्ताख़ी उसे अब हम भी देखेंगे
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये क़ल्ब कहाँ रह पाता है तब काबू में जब बैठा करती है वो मेरे बाज़ू में
Sandeep dabral 'sendy'
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ये मानो न मानो यहाँ अपना कल सुन रहा है ये पढ़ने की इस उम्र में जो ग़ज़ल सुन रहा है
Sandeep dabral 'sendy'
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वो ही उन को आधी रात सड़क पर छोड़ चला इक रोज़ यहाँ जिस ने गाहे रात गुज़ारी थी उन की आँखों के साए में
Sandeep dabral 'sendy'
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वो डिब्बे भी तो फूले न समाते होंगे, जिन पर रक्खा करती होगी वो पायल झुमके नथ अपनी
Sandeep dabral 'sendy'
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वो छोड़ गया है साथ हमारा कर के नम आँखें कि हिफ़ाज़त जिस की गाहे करती थी हर-दम आँखें
Sandeep dabral 'sendy'
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