आँसू जो उन के आँखों से निकल जाते हैं पत्थर दिल भी पल भर में ही पिघल जाते हैं ज़ख़्मी होने से मैं दिल को बचाऊँ कैसे वो मुस्काते हैं तो ख़ंजर चल जाते हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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जब से वो कह कर गई तू साँवला है तब से कानों में यही बस गूँजता है
S M Afzal Imam
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हम ही विरसे में दिया करते हैं उन को ये ख़राबी वरना बच्चों को कहाँ आता है बातों को छुपाना
S M Afzal Imam
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वो खु़द भी कितना खा़ली है उसे बता दिया मैं ने के आज आईने को आईना दिखा दिया मैं ने
S M Afzal Imam
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आज ये राज़ भी मैं बता देता हूँ क्यूँँ तुझे देख के मुस्कुरा देता हूँ आग लगती है जो देखने से तुझे मुस्कुरा कर उसी को हवा देता हूँ
S M Afzal Imam
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यही कहता हूँ मैं सब सेे, मोहब्बत कर नहीं सकता किसी पर मर चुका हूँ मैं, किसी पर मर नहीं सकता मगर ऐसा नहीं बिल्कुल के सब कुछ भूल जाउँगा दिया है ज़ख़्म जो तू ने कभी वो भर नहीं सकता
S M Afzal Imam
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